KKN गुरुग्राम डेस्क | धर्मा प्रोडक्शंस, जो आज अपनी भव्य फिल्मों और प्रमुख प्रोजेक्ट्स के लिए जाना जाता है, अपनी यात्रा के पहले दिनों में कई संघर्षों से जूझ रहा था। यह प्रोडक्शन हाउस यश जौहर द्वारा स्थापित किया गया था, जिन्होंने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में 30 सालों तक प्रोडक्शन कंट्रोलर के तौर पर काम किया। हालांकि, जब तक उनके बेटे करण जौहर ने 1990 के दशक के अंत में फिल्मों का निर्माण शुरू नहीं किया, धर्मा को बड़ी मुश्किलें उठानी पड़ीं।
धर्मा प्रोडक्शंस के संघर्षों के बारे में एक हालिया इंटरव्यू में फिल्म निर्माता निखिल आडवानी ने खुलासा किया कि कैसे एक समय ऐसा आया था जब धर्मा के पास आर्थिक संकटों ने उसे घेरे लिया था। निखिल ने बताया कि उस दौरान यश जौहर ने अपना घर तक गिरवी रख दिया था, और करण की मां हीरू जौहर को हार्ट अटैक आ गया था। इस कठिन दौर में, वे कुछ कैमरे और लाइटिंग उपकरण भी बेचने पर मजबूर हो गए थे।
हालांकि, यही वह समय था जब बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने मदद का हाथ बढ़ाया और धर्मा प्रोडक्शंस को संकट से उबारने में अहम भूमिका निभाई।
धर्मा प्रोडक्शंस का कठिन दौर
धर्मा प्रोडक्शंस के लिए यश जौहर के नेतृत्व में शुरुआत आसान नहीं थी। कई बड़े प्रोडक्शन हाउस की तरह धर्मा को भी कई असफलताओं का सामना करना पड़ा। हालांकि, यश जौहर का फिल्म उद्योग में तीन दशकों का अनुभव था, फिर भी कुछ फिल्मों के बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप होने के कारण कंपनी आर्थिक संकट का सामना कर रही थी।
धर्मा प्रोडक्शंस को स्थापित करने के लिए यश जौहर ने भारी कर्ज लिया था और दोस्ताना जैसी फिल्मों को बनाने के लिए निवेश किया था। जबकि यह फिल्म सफल रही थी, इसके बाद कई अन्य फिल्मों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित नहीं किया, जिसके चलते कंपनी को नुकसान उठाना पड़ा।
अमिताभ बच्चन का समर्थन
यश जौहर और अमिताभ बच्चन का रिश्ता सिर्फ पेशेवर नहीं था, बल्कि दोनों पुराने स्कूल के दोस्त भी थे। जब यश जौहर और उनके परिवार पर मुश्किलें आ रही थीं, तो अमिताभ बच्चन ने उनके साथ खड़े होने का फैसला किया। निखिल आडवानी ने बताया कि अमिताभ बच्चन ने एक दिन हीरू जौहर की बीमारी के बारे में सुना और बिना देर किए शूटिंग छोड़कर अस्पताल पहुंचे।
निखिल के मुताबिक, “अमित जी अस्पताल गए, यश अंकल से मिले और कहा, ‘मैं एक लड़के के साथ फिल्म बना रहा हूं, जो तुम्हारे साथ काम करेगा।’ अमित जी ने यश अंकल से कहा, ‘मैं तुम्हारी फिल्म के लिए डेट्स दे रहा हूं, इस फिल्म को हम साथ करेंगे।’ इस बातचीत के बाद अग्निपथ फिल्म का जन्म हुआ।”
यह फिल्म भले ही अपनी रिलीज के समय बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल नहीं कर पाई, लेकिन बाद में यह एक कालजयी हिट बन गई। अमिताभ बच्चन का समर्थन धर्मा प्रोडक्शंस के लिए एक अहम मोड़ साबित हुआ, जिसने कंपनी को कठिन समय से बाहर निकाला और एक नई दिशा दी।
धर्मा प्रोडक्शंस की नींव और करण जौहर की भूमिका
हालांकि अग्निपथ एक कमर्शियल सफलता नहीं थी, यह धर्मा प्रोडक्शंस के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था। इस फिल्म ने कंपनी को वित्तीय संकट से बाहर निकालने में मदद की और इसके बाद की सफलता की नींव रखी। निखिल आडवानी ने कहा कि उनका धर्मा प्रोडक्शंस के साथ अनुभव सिर्फ तीन फिल्मों तक सीमित नहीं था। वह इस प्रोडक्शन हाउस के निर्माण के दौरान मौजूद थे, और उन्होंने कई महत्वपूर्ण फिल्में कीं जैसे कुछ कुछ होता है, कभी खुशी कभी ग़म, और कल हो ना हो।
इन फिल्मों ने धर्मा प्रोडक्शंस को बॉलीवुड के सबसे प्रमुख प्रोडक्शन हाउस में से एक बना दिया। करण जौहर ने अपनी विशिष्ट कहानी कहने की शैली और ऑडियंस के साथ इमोशनल कनेक्टिविटी की मदद से धर्मा प्रोडक्शंस को सफलता की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। इन तीन फिल्मों को देखकर ही धर्मा प्रोडक्शंस की नींव मानी जाती है।
करण जौहर का संघर्ष और कंपनी की यात्रा
धर्मा प्रोडक्शंस के लिए यश जौहर की मेहनत और निवेश ने हालांकि जबरदस्त संघर्षों का सामना किया, लेकिन बाद में उनके बेटे करण जौहर ने कंपनी की कमान संभाली और इसे नई दिशा दी। करण जौहर ने खुद कहा कि उनके पिता ने जब धर्मा प्रोडक्शंस की स्थापना की थी, तब उन्होंने इसके लिए भारी कर्ज लिया था।
करण ने यह भी व्यक्त किया कि उनके पिता यह नहीं देख पाए कि धर्मा प्रोडक्शंस किस मुकाम पर पहुँचने वाली है। लेकिन उनके पिता की vision ने कंपनी को मजबूत किया और आज धर्मा प्रोडक्शंस बॉलीवुड का एक अहम नाम बन चुका है।
धर्मा प्रोडक्शंस का वर्तमान
आज धर्मा प्रोडक्शंस को भव्य फिल्मों और बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए जाना जाता है। कंपनी की प्रमुख फिल्मों में कभी अलविदा ना कहना, Ae Dil Hai Mushkil, Student of the Year और कलंक जैसी फिल्में शामिल हैं। करण जौहर के नेतृत्व में, धर्मा ने न सिर्फ एक ग्लोबल ब्रांड के रूप में अपना नाम स्थापित किया है, बल्कि नए टैलेंट को भी बढ़ावा दिया है।
धर्मा प्रोडक्शंस ने भारतीय सिनेमा के ग्लोबल स्टेज पर पहुंचने में भी अहम भूमिका निभाई है। करण जौहर की फिल्मों की शैली ने भारतीय फिल्म उद्योग को नई दिशा दी है और उन्होंने बॉलीवुड को एक इंटरनेशनल पहचान दिलवाई है।
अमिताभ बच्चन का योगदान और धर्मा का भविष्य
धर्मा प्रोडक्शंस की सफलता में अमिताभ बच्चन का योगदान महत्वपूर्ण है। उनके समर्थन ने यश जौहर और करण जौहर के लिए वह मोमेंट दिया, जिसने उन्हें अपने संघर्षों से उबरने और कंपनी को फिर से पटरी पर लाने में मदद की। उनकी दोस्ती और सहयोग ने साबित किया कि फिल्म इंडस्ट्री में एक दूसरे की मदद और समर्थन कितने महत्वपूर्ण हैं।
धर्मा प्रोडक्शंस की कहानी एक प्रेरणा है, जो दर्शाती है कि कैसे कठिन समय में भी सही लोग और सही अवसर मदद कर सकते हैं। यश जौहर की मेहनत, अमिताभ बच्चन के समर्थन और करण जौहर की नेतृत्व क्षमता ने धर्मा को आज बॉलीवुड की प्रमुख प्रोडक्शन हाउस बना दिया है।
धर्मा प्रोडक्शंस की यात्रा एक कठिन शुरुआत से लेकर आज के सबसे बड़े प्रोडक्शन हाउस बनने तक की कहानी है। फिल्म इंडस्ट्री में रिश्ते, सहयोग और समय की अहमियत को समझते हुए धर्मा प्रोडक्शंस ने अपनी पहचान बनाई है। अमिताभ बच्चन का समय पर मदद करने वाला कदम, यश जौहर की कड़ी मेहनत और करण जौहर के नेतृत्व में यह कंपनी अब इंडस्ट्री की शिखर पर है।
धर्मा प्रोडक्शंस आज एक पहचान बन चुका है, जो न केवल बॉलीवुड में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ चुका है।